7 जुलाई: केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) और तिब्बती समुदाय ने धर्मशाला स्थित त्सुगलाखांग परिसर में 14वें दलाई लामा का 91वां जन्मदिन श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर तिब्बती समुदाय, विदेशी मेहमानों, स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम में उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
समारोह की शुरुआत भारतीय और तिब्बती राष्ट्रगान से हुई। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने दलाई लामा को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्होंने पूरी दुनिया को शांति, करुणा, अहिंसा और सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दलाई लामा का जीवन पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। साथ ही उन्होंने धर्मशाला में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में तिब्बती समुदाय के योगदान की भी सराहना की।
कार्यक्रम में तिब्बती संसद-इन-एक्साइल के उपसभापति खेनपो सोनम तेनफेल ने संसद का संदेश पढ़ा, जबकि कार्यवाहक सिक्योंग एवं धर्म एवं संस्कृति विभाग की कालोन त्सेग्याल चुक्या ड्रानयी ने काशाग का संदेश सुनाया। तिब्बती स्कूलों के विद्यार्थियों, तिब्बतन इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स के कलाकारों और विभिन्न तिब्बती संस्थाओं के सांस्कृतिक दलों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
इस अवसर पर केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया और दलाई लामा के जन्मदिन के उपलक्ष्य में केक भी काटा गया।
इस बीच, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी दलाई लामा को उनके 91वें जन्मदिवस पर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दलाई लामा करुणा, अहिंसा और शांति के प्रतीक हैं तथा उनका पूरा जीवन मानवता को प्रेम, सद्भाव और शांति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।