7 जुलाई: केरल के वायनाड जिले में निर्माणाधीन सुरंग सड़क परियोजना स्थल पर मंगलवार सुबह हुए भीषण भूस्खलन में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। लगातार हो रही भारी बारिश और नए भूस्खलन के खतरे के बीच राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
भूस्खलन मेप्पडी के कल्लाडी स्थित मीनाक्षी पुल के पास हुआ, जहां मिट्टी का बड़ा हिस्सा और सुरंग परियोजना के लिए बनाई गई कंक्रीट की विशाल सुरक्षा दीवार अचानक ढह गई। हादसे में एक मस्जिद, एक मकान और एक बस स्टॉप पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। मलबे में फंसे छह श्रमिकों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है, जबकि कई अन्य लोगों के दबे होने की आशंका के चलते खोज अभियान लगातार जारी है।
घटनास्थल से सामने आए दृश्य हादसे की भयावहता को बयां करते हैं। श्रमिकों को ले जा रही एक बस कीचड़ के तेज बहाव की चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। प्रशासन को आशंका है कि कुछ अन्य वाहन, यात्री और श्रमिक भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। लगातार बारिश और बार-बार हो रहे भूस्खलन के कारण बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं। एहतियात के तौर पर मीनाक्षी पुल के निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद मंत्री टी. सिद्दीकी और राजस्व मंत्री ए. पी. अनिल कुमार वायनाड रवाना हो गए। मुख्यमंत्री ने वायनाड के जिलाधिकारी से भी स्थिति की जानकारी ली। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) तथा अग्निशमन एवं बचाव सेवा की कई टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
तिरुवंबाडी के विधायक सी. के. कासिम ने बताया कि सभी आवश्यक आपातकालीन कदम उठाए जा चुके हैं। क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान 265 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे चूरलमाला नदी का जलस्तर भी खतरनाक स्तर तक पहुंच गया।
इस बीच, मंत्री टी. सिद्दीकी ने घटना को “मानव निर्मित आपदा” बताते हुए आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी ने खुदाई से निकली मिट्टी को अवैज्ञानिक तरीके से जमा किया था, जो भारी बारिश में बह गई। उनका आरोप है कि कंपनी ने सुरक्षा संबंधी चेतावनियों की भी अनदेखी की।
वहीं, सुरंग परियोजना का निर्माण कर रही कंपनी ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि यह हादसा अत्यधिक भारी बारिश के कारण हुई एक अभूतपूर्व प्राकृतिक आपदा का परिणाम है। फिलहाल बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं, जबकि प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।