3 जुलाई: भारतीय बैडमिंटन में जुलाई 2026 से नया स्कोरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि अब मैच पहले की तरह बेस्ट ऑफ-3 गेम होंगे, लेकिन प्रत्येक गेम 21 अंकों के बजाय 15 अंकों का खेला जाएगा। नए नियमों का पहला इस्तेमाल 7 से 14 जुलाई तक एर्नाकुलम के रीजनल स्पोर्ट्स सेंटर में आयोजित होने वाले ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट में किया जाएगा।
इसके बाद यह नया फॉर्मेट सभी जोनल चैंपियनशिप, घरेलू रैंकिंग टूर्नामेंट और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में लागू होगा। यह नियम अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17, अंडर-19, सीनियर और मास्टर्स सहित सभी आयु वर्गों पर लागू रहेगा।
नए स्कोरिंग सिस्टम के तहत यदि स्कोर 14-14 से बराबर हो जाता है तो गेम जीतने के लिए दो अंकों की बढ़त जरूरी होगी। वहीं, अगर मुकाबला 20-20 तक पहुंच जाता है तो अगला अंक जीतने वाला खिलाड़ी गेम अपने नाम कर लेगा। इसके अलावा, अब मिड-गेम ब्रेक 11 अंकों की बजाय 8 अंकों पर मिलेगा, जिसकी अवधि 60 सेकंड होगी। तीसरे गेम में खिलाड़ी 8 अंकों पर कोर्ट बदलेंगे, जबकि गेम के बीच मिलने वाला 120 सेकंड का ब्रेक पहले की तरह जारी रहेगा। पिछले गेम का विजेता ही अगले गेम में पहली सर्विस करेगा।
बीएआई के महासचिव संजय मिश्रा ने बताया कि घरेलू स्तर पर इस नए फॉर्मेट को पहले लागू करने का उद्देश्य खिलाड़ियों, कोच और तकनीकी अधिकारियों को समय रहते इसके अनुरूप तैयार करना है। उन्होंने कहा कि बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) भी इस स्कोरिंग सिस्टम को जनवरी 2027 से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लागू करेगा।