3 जुलाई: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में शुक्रवार तड़के हुई भारी बारिश के कारण चोलिंग के पास भूस्खलन और मलबा आने से बंद हुआ हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग-5) कुछ घंटों की मशक्कत के बाद सभी प्रकार के वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया। सुबह करीब छह बजे मेरुत नाले के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे दो वाहन बीच रास्ते में फंस गए। वहीं, रिब्बा नाले में आई बाढ़ के चलते रिब्बा-कांडा संपर्क मार्ग भी बंद हो गया। हालांकि, इस घटना में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
उपायुक्त अमित शर्मा ने बताया कि प्रशासन ने तुरंत चोलिंग में जेसीबी मशीन तैनात कर मलबा हटाने का कार्य शुरू कराया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह लगभग 10 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर यातायात सुचारु रूप से बहाल कर दिया गया। राज्य आपात अभियान केंद्र (एसईओसी) के अनुसार शुक्रवार सुबह तक प्रदेशभर में बारिश के कारण 60 सड़कें बंद हो चुकी थीं।
उधर, चंबा जिले के भरमौर उपमंडल में भारी बारिश के बीच मंदिर के पास फंसे 24 श्रद्धालुओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। अचानक आई बाढ़ में मंदिर तक पहुंचने वाला अस्थायी लकड़ी का पुल बह गया था, जिससे श्रद्धालु बुधवार से वहां फंसे हुए थे। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), स्थानीय प्रशासन, पर्वतारोहण संस्थान और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मंदिर तक पहुंचने के लिए स्थायी और सुरक्षित मार्ग बनाने की मांग भी उठाई है।
इस बीच, गुरुवार शाम से प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश दर्ज की गई। मंडी जिले के बलद्वारा में सबसे अधिक 32 मिमी वर्षा हुई। इसके अलावा सराहन में 27 मिमी, बिलासपुर में 25.8 मिमी, शिमला में 19.5 मिमी, बरठीं में 18.6 मिमी, स्लैपर में 18 मिमी और मुरारी देवी में 16 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। शिमला और सुंदरनगर में भी गरज-चमक के साथ वर्षा हुई। मौसम विभाग ने चार और पांच जुलाई के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।