2 जुलाई: हिमाचल प्रदेश में मानसून की पहली तेज बारिश ने बुधवार को कई जिलों में भारी तबाही मचा दी। अलग-अलग हादसों में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि भूस्खलन, जलभराव और सड़कें बंद होने से कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित रहा।
शिमला, मनाली, धर्मशाला सहित प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते कई सड़कें बंद हो गईं, नदियों और खड्डों का जलस्तर बढ़ गया तथा कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरे हिमाचल में सक्रिय हो चुका है। विभाग ने 2 से 6 जुलाई के बीच (4 जुलाई को छोड़कर) प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
बारिश के कारण स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति भी कम रही। वहीं प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
बारिश के चलते मंडी जिले में 28, कुल्लू में 12 तथा लाहौल-स्पीति और ऊना में दो-दो सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गईं।
सोलन जिले की एक महिला की औट के पास चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर कार से बाहर निकलते समय गिरती चट्टान की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं कांगड़ा जिले में करंट लगने और ऊंचाई से गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं सहित कुल तीन लोगों की जान चली गई।