1 जुलाई: क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनु को निलंबित कर दिया गया है। फिलहाल उन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, शिमला में अटैच किया गया है। डॉ. अनु पर मृतक मंजू शर्मा के इलाज में कथित लापरवाही के आरोप लगे थे। मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक समिति गठित की थी, जिसने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी। रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डॉ. अनु को निलंबित कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
मंजू शर्मा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पिछले दो दिनों से कुल्लू के ढालपुर में युवाओं का धरना-प्रदर्शन जारी था। मंगलवार शाम कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर प्रदर्शन स्थल पहुंचे और डॉ. अनु के निलंबन की जानकारी दी।
विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि उन्होंने इस मामले को प्रदेश सरकार के समक्ष उठाया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि डॉ. अनु के खिलाफ प्राप्त अन्य शिकायतों की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मृतका के भाई दिनेश शर्मा ने बहन को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन में शामिल हजारों लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
समाजसेवी बलदेव ठाकुर ने कहा कि दो दिनों तक चले आंदोलन के बाद स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. अनु को निलंबित कर दिया है। उन्होंने बताया कि मामले में शामिल दो अन्य स्टाफ नर्सों के खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही गई है और उम्मीद है कि उनके विरुद्ध भी जल्द निर्णय लिया जाएगा।