1 जुलाई: नालागढ़ की राजनीति के एक युग का बुधवार को अंत हो गया। हिमाचल प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री, नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रहे वरिष्ठ नेता राजा विजेंद्र सिंह का दिल्ली स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही नालागढ़ सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक, सामाजिक और औद्योगिक जगत से जुड़े लोगों ने उनके निधन को प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
26 जून 1946 को जन्मे राजा विजेंद्र सिंह ने लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहकर नालागढ़ क्षेत्र का नेतृत्व किया। वह पांच बार विधायक चुने गए और हिमाचल प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, क्षेत्रीय विकास और जनकल्याण से जुड़ी अनेक योजनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राजा विजेंद्र सिंह अपनी सादगी, सौम्य स्वभाव और जनसुलभ छवि के लिए जाने जाते थे। उन्होंने हमेशा विकास को राजनीति का आधार बनाया और राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी वर्गों के लोगों के साथ आत्मीय संबंध बनाए रखे। नालागढ़ क्षेत्र के विकास में उनके योगदान को आज भी विशेष रूप से याद किया जाता है। आम लोगों की समस्याएं सुनना और उनके समाधान का प्रयास करना उनकी कार्यशैली की पहचान थी।
परिजनों के अनुसार उनका पार्थिव शरीर बुधवार देर रात दिल्ली से नालागढ़ लाया जाएगा। गुरुवार को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जिसके बाद खेड़ा में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।