27 जून : राजधानी शिमला के सुन्नी थाना क्षेत्र में आबादी देह जमीन को हड़पने के लिए पंचायत रिकॉर्ड से छेड़छाड़ और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि आरोपी ने जाली कागजात तैयार कर जमीन अपने नाम करवाने के साथ-साथ अदालत में भी उन्हें असली दस्तावेज बताकर पेश किया। मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार गांव जुन्नी कलां निवासी परमानंद पुत्र स्व. सिटू ने सुन्नी थाना में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने गांव के ही महेशी लाल पुत्र कुंदन लाल पर आरोप लगाया है कि उसने वर्ष 2010 से 2017 के बीच खसरा नंबर 181 की आबादी देह भूमि को अवैध तरीके से अपने नाम ट्रांसफर करवाने के लिए पंचायत रिकॉर्ड में हेराफेरी की।
शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपी ने कथित तौर पर जाली दस्तावेज तैयार कर उन्हें एक सिविल केस के दौरान अदालत में भी पेश किया। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
सुन्नी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब पंचायत रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में पंचायत स्तर पर मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है।