24 जून : जिला सिरमौर में आधुनिक इंजीनियरिंग का एक और शानदार उदाहरण तैयार हो गया है। नाहन से करीब छह किलोमीटर दूर खजूरना में मारकंडा नदी पर 20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित बो-स्ट्रिंग ब्रिज बनकर तैयार हो गया है। इस पुल का उद्घाटन बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ऑनलाइन माध्यम से करेंगे।
देहरादून-पांवटा साहिब-कालाअंब-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर बना यह धनुषाकार पुल जिला सिरमौर का पहला बो-स्ट्रिंग ब्रिज है। लगभग 180 मीटर लंबे इस लोहे के पुल में 60-60 मीटर के तीन स्पैन बनाए गए हैं। इसकी विशेष संरचना के कारण पुल का पूरा भार इसके आर्क और कॉलम पर संतुलित रहता है, जिससे यह पारंपरिक पुलों की तुलना में अधिक मजबूत और टिकाऊ माना जाता है।
पुल का अधिकांश ढांचा लोहे से तैयार किया गया है, जबकि केवल इसका स्लैब कंक्रीट का है। दो मुख्य कॉलमों के सहारे निर्मित यह पुल कम ऊंचाई और धनुषाकार डिजाइन के कारण विशेष पहचान रखता है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनने वाला यह पुल क्षेत्र में यातायात को और अधिक सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
जानकारी के अनुसार भविष्य में राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन विस्तार के दौरान इस पुल के समानांतर एक और इसी प्रकार का बो-स्ट्रिंग ब्रिज भी बनाया जा सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग नाहन मंडल के अधिशाषी अभियंता राकेश खंडूजा ने बताया कि यह पुल अपनी अनूठी संरचना और तकनीकी विशेषताओं के कारण सिरमौर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।