23 जून : बिलासपुर जिले की सबसे बड़ी पंचायत समिति घुमारवीं में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। सोमवार को चुनाव के लिए बुलाई गई बैठक में एक भी बीडीसी सदस्य नहीं पहुंचा, जिसके चलते चुनाव प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी। हालांकि विकास खंड कार्यालय में बैठक के दौरान कुर्सियां खाली रहीं, लेकिन दूसरी ओर भाजपा और कांग्रेस के खेमों में दिनभर राजनीतिक गतिविधियां जारी रहीं।
34 सदस्यीय पंचायत समिति के लिए विकास खंड कार्यालय घुमारवीं में दोपहर एक बजे बैठक निर्धारित की गई थी। तय समय तक कोई भी बीडीसी सदस्य उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद एसडीएम घुमारवीं एवं निर्वाचन अधिकारी गौरव चौधरी ने आवश्यक कोरम पूरा न होने के कारण बैठक को आगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया।
सूत्रों के अनुसार अधिकांश निर्वाचित बीडीसी सदस्य क्षेत्र में मौजूद थे, लेकिन वे बैठक में शामिल होने के बजाय अपने-अपने समर्थित राजनीतिक दलों की रणनीतिक बैठकों में व्यस्त रहे। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर कब्जा जमाने के लिए दोनों प्रमुख दलों ने अलग-अलग स्थानों पर बैठकों का आयोजन कर आगामी रणनीति तैयार की।
बताया जा रहा है कि भाजपा समर्थित बीडीसी सदस्यों की बैठक घुमारवीं के समीप कुलारूं क्षेत्र के एक निजी रेस्टोरेंट में आयोजित हुई। बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग तथा सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल भी मौजूद रहे। बैठक में पंचायत समिति पर भाजपा का नियंत्रण बनाए रखने को लेकर चर्चा हुई।
पंचायत समिति घुमारवीं में कुल 34 सदस्य हैं, जिनमें 24 सदस्य घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र और 10 सदस्य सदर विधानसभा क्षेत्र से संबंधित हैं। नियमों के अनुसार पहली बैठक में चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के लिए दो-तिहाई यानी 23 सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य थी। एक भी सदस्य के उपस्थित न होने से बैठक स्थगित करनी पड़ी। अब अगली बैठक में न्यूनतम 18 सदस्यों की मौजूदगी होने पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया जाएगा।
निर्वाचन अधिकारी गौरव चौधरी ने बताया कि निर्धारित समय तक कोई भी सदस्य बैठक में उपस्थित नहीं हुआ। आवश्यक कोरम पूरा न होने के कारण चुनाव प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है। अगली बैठक की तिथि जल्द घोषित की जाएगी।