22 जून : कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति ने रेलवे स्टेशन ज्वालामुखी रोड पर प्रदर्शन कर रेलवे विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। समिति के सदस्यों ने स्टेशन मास्टर के माध्यम से रेलवे महाप्रबंधक, बड़ौदा हाउस, नई दिल्ली को ज्ञापन भेजकर कांगड़ा घाटी रेलवे की सभी सात ट्रेनों को बहाल करने की मांग उठाई।
समिति के अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान में कहा कि वर्तमान में केवल दो ट्रेनों के संचालन से पठानकोट जाने वाले यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ होने के कारण यात्रियों को धक्का-मुक्की के बीच सफर करना पड़ रहा है, जिससे किसी भी समय अप्रिय घटना होने की आशंका बनी हुई है।
उन्होंने रेलवे प्रशासन से शेष पांच ट्रेनों को शीघ्र बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि इससे हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी। संघर्ष समिति ने कांगड़ा जिले के नवनिर्वाचित प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों, बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों से भी रेल सेवा बहाली के मुद्दे पर समर्थन देने की अपील की है। समिति के अनुसार इस संबंध में जनजागरण अभियान भी चलाया जाएगा। 
समिति ने कहा कि वह अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सांसदों, हिमाचल सरकार और केंद्र सरकार के समक्ष रख रही है तथा आगे की रणनीति भी तैयार की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों की लगातार अनदेखी होती रही तो जल्द ही जसूर स्थित कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र के सांसद कार्यालय का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
इस अवसर पर संघर्ष समिति का विस्तार भी किया गया। सर्वसम्मति से नगरोटा बगवां के सौरभ कौंडल को उपाध्यक्ष और भरमाड़ के रॉबिन कौंडल को वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।