22 जून : पठानकोट-बैजनाथ नैरोगेज रेल मार्ग पर सभी सात जोड़ी ट्रेनों को दोबारा शुरू करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। कांगड़ा घाटी के यात्री संगठनों और स्थानीय लोगों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर केवल दो जोड़ी ट्रेनों के संचालन पर चिंता जताई है।
यात्रियों का कहना है कि मौजूदा ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ के कारण लोगों को असुरक्षित परिस्थितियों में सफर करना पड़ रहा है। कई यात्री ट्रेन के दरवाजों पर खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण इस ऐतिहासिक 164 किलोमीटर लंबे नैरोगेज रेल मार्ग को भारी नुकसान पहुंचा था। चक्की नदी पर बना पुराना रेलवे पुल बह जाने के बाद सेवाएं लंबे समय तक बंद रहीं। हाल ही में रेलवे ने दो ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू किया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक मरम्मत और रखरखाव कार्य के चलते बाकी ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जाएगा। वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रेन सेवाओं की बहाली में देरी से हजारों दैनिक यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति ने मांग की है कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए सभी ट्रेन सेवाएं जल्द बहाल की जाएं।