13 जून : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि विज्ञान का मूल उद्देश्य लोक कल्याण है और जिन देशों ने वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान तथा नवाचार को अपनाया है, उन्होंने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। वह काशी हिंदू विश्वविद्यालय में विज्ञान भारती के सातवें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति कृषि और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में निहित है। उन्होंने किसानों से जैविक और शून्य बजट प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा कि जब किसान पारंपरिक ज्ञान और नवाचार के साथ खेती करते थे, तब कृषि कभी घाटे का सौदा नहीं मानी जाती थी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि व्यापारी और उद्यमी देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ समाज को जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र की लगभग 96 लाख इकाइयां संचालित हो रही हैं, जो करीब तीन करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान की सराहना करते हुए अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ज्ञान जहां से भी प्राप्त हो, उसका स्वागत किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 200 बिस्तरों वाले सात मंजिला इस अत्याधुनिक केंद्र का निर्माण निर्धारित समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा किया जाए।