जोजिला टनल में ऐतिहासिक ब्रेकथ्रू आज, हिमालय के आर-पार जुड़ेंगे कश्मीर और लद्दाख

9 जून : भारत के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल जोजिला टनल मंगलवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने जा रही है। सालों की मेहनत और कठिन चुनौतियों के बाद सुरंग की आर-पार खुदाई  का कार्य पूरा होने वाला है। इसके साथ ही इस महत्वपूर्ण परियोजना का माइनिंग चरण समाप्त हो जाएगा।

13.153 किलोमीटर लंबी जोजिला टनल जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग स्थित बालटाल को लद्दाख के द्रास सेक्टर के मीनामर्ग से जोड़ेगी। टनल के निर्माण के बाद कश्मीर और लद्दाख के बीच सालभर आवागमन संभव हो सकेगा। अभी तक भारी बर्फबारी, हिमस्खलन और खराब मौसम के कारण लद्दाख कई महीनों तक देश के अन्य हिस्सों से कट जाता है।

अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को सुरंग के दोनों सिरों से खुदाई कर रहे इंजीनियर और श्रमिक एक-दूसरे से मिलेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी परियोजना के अंतिम ब्रेकथ्रू ब्लास्ट का शुभारंभ करेंगे। इस परियोजना की आधारशिला एक अक्तूबर 2020 को रखी गई थी और 14 अक्तूबर 2020 को पहली ब्लास्टिंग की गई थी।

जोजिला टनल बनने के बाद कश्मीर से लद्दाख तक का सफर लगभग तीन घंटे से घटकर मात्र 15 मिनट रह जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान इंजीनियरों और श्रमिकों ने माइनस 20 से माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तापमान में काम किया। पिछले पांच वर्षों में परियोजना स्थल पर पांच बड़े हिमस्खलनों का भी सामना करना पड़ा।

यह सुरंग भारतीय सेना के लिए भी रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके शुरू होने से सैनिकों और सैन्य सामग्री की आवाजाही पूरे वर्ष निर्बाध रूप से जारी रह सकेगी। साथ ही लद्दाख में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार व विकास के नए अवसर पैदा होंगे। परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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