6 जून: कांगड़ा जिले के इंदौरा उपमंडल में शनिवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। मीलवां-बरोटा सड़क मार्ग पर उलेहड़ियां गांव के मुख्य चौक में बजरी से भरा एक टिप्पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक मकान और दुकानों पर पलट गया। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन मकान और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब छह बजे पंजाब नंबर का एक टिप्पर मंड भोगरवां स्थित स्टोन क्रेशर से बजरी लेकर पंजाब की ओर जा रहा था। उलेहड़ियां चौक के पास पहुंचते ही चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और टिप्पर सीधे स्थानीय निवासी जोगिंदर सिंह के घर तथा दुकानों पर जा पलटा।
हादसे के कारण मकान की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई और टिप्पर में भरी बजरी पूरे आंगन में फैल गई। जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। घटना का दृश्य देखकर लोग सहम गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद चालक की स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी। हालांकि चालक के नियंत्रण खोने के कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में रोष देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर खनन सामग्री से भरे भारी वाहनों की तेज रफ्तार आवाजाही लगातार बनी रहती है। उनका आरोप है कि अधिक चक्कर लगाने की होड़ में कई चालक पर्याप्त आराम नहीं करते, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
इस हादसे के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और खनन सामग्री ढोने वाले वाहनों की निगरानी को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे वाहनों की गति पर नियंत्रण और नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने की मांग की है।
उधर, एसडीएम इंदौरा सुरिंदर ठाकुर ने बताया कि पूर्व आदेशों के अनुसार क्रेशर से जुड़े वाहन केवल शाम आठ बजे से सुबह छह बजे तक ही संचालित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिन के समय ऐसे वाहन चलते पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को भी आदेशों का कड़ाई से पालन करवाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। साथ ही खनन सामग्री से भरे किसी भी वाहन के नियमों का उल्लंघन करने पर उसे जब्त किया जाएगा।