2 जून: हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में लगाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में सोमवार को इलाका संघर्ष समिति के नेतृत्व में व्यापक प्रदर्शन हुए। प्रदेश के 52 एंट्री प्वाइंट्स पर लोगों ने सरकार के फैसले के खिलाफ आवाज उठाई। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम कर विरोध दर्ज कराया, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
मनाली-कीरतपुर फोरलेन के गरामोड़ा क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी, जबकि ऊना जिले के मैहतपुर में भी संघर्ष समिति के सदस्यों ने चक्का जाम किया। इसके चलते हिमाचल और पंजाब के बीच आवाजाही बाधित रही और सीमा के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
प्रदेश सरकार ने पहले छोटे वाहनों के लिए एंट्री टैक्स 170 रुपये निर्धारित किया था, जिसे विरोध के बाद घटाकर 100 रुपये कर दिया गया। हालांकि स्थानीय लोग और संघर्ष समिति इस शुल्क को पूरी तरह समाप्त करने की मांग पर अड़े हुए हैं। बड़े वाहनों के लिए अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार शुल्क तय किया गया है।
प्रदर्शन के कारण ट्रक, बसें और निजी वाहन लंबे समय तक बॉर्डर क्षेत्रों में फंसे रहे। यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने कुछ वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा, लेकिन भारी वाहनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। चक्का जाम का असर आम यात्रियों पर भी पड़ा, जिन्हें अपने जरूरी कार्यों और यात्राओं में देरी का सामना करना पड़ा।