1 जून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देशभर के आम उत्पादक किसानों की मेहनत और योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसानों के अथक परिश्रम और समर्पण की बदौलत फलों का राजा आम हर साल लाखों परिवारों तक पहुंचता है और लोगों के जीवन में मिठास घोलता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गर्मियों का मौसम आते ही देशभर में आम की चर्चा शुरू हो जाती है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग किस्म के आम अपनी खास पहचान, स्वाद और खुशबू के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने महाराष्ट्र और कोंकण के हापुस (अल्फांसो), गुजरात के केसर, उत्तर प्रदेश के दशहरी और वाराणसी के लंगड़ा आम का विशेष उल्लेख किया। इसके साथ ही बिहार के जर्दालू आम की सुगंध की भी प्रशंसा की और चौसा व मालदा जैसी लोकप्रिय किस्मों का जिक्र किया।
आम उत्पादक किसानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे देश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने किसानों से कहा कि वे केवल आम किसान नहीं, बल्कि देश के लिए बहुत खास हैं और उन्हें इसी तरह अपनी पहचान बनाए रखनी चाहिए।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी पर भी चिंता जताई और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि गर्म मौसम में पर्याप्त पानी पीना, धूप से बचाव करना और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। साथ ही उन्होंने लोगों से सरकार और संबंधित विभागों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों में लोकप्रिय पारंपरिक और देसी पेय पदार्थों का भी उल्लेख किया तथा गर्मी के मौसम में इनके महत्व पर प्रकाश डाला।