1 जून: भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) सोमवार से प्रभावी हो गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत की वैश्विक व्यापार साझेदारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में मंत्री ने कहा कि यह समझौता नए बाजारों तक पहुंच बढ़ाने, निर्यात को प्रोत्साहित करने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन को गति देने में सहायक होगा। इससे छात्रों, कारीगरों, महिलाओं, किसानों, मछुआरों तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
भारत और ओमान ने इस समझौते पर पिछले वर्ष दिसंबर में हस्ताक्षर किए थे। यह ऐसे समय लागू हुआ है जब खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के कारण क्षेत्रीय व्यापार प्रभावित हो रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 10.61 अरब डॉलर रहा।
समझौते के तहत भारत को ओमान के बाजार में अपनी 98.08 प्रतिशत निर्यात वस्तुओं पर शत-प्रतिशत शुल्क छूट मिलेगी। इससे इंजीनियरिंग, दवा उद्योग, समुद्री उत्पाद, वस्त्र, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक तथा रत्न एवं आभूषण जैसे क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। सरकार का कहना है कि समझौते में श्रम-प्रधान घरेलू उद्योगों के हितों का भी ध्यान रखा गया है।