रक्षा क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग, जून तक उत्पादन पहुंच सकता है पौने दो लाख करोड़ रुपये: राजनाथ सिंह

30 मई: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि भारत का रक्षा क्षेत्र तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में देश का कुल रक्षा उत्पादन 46 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि जून माह के अंत तक यह आंकड़ा बढ़कर लगभग पौने दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।

लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले दस वर्षों में रक्षा क्षेत्र में हुए सुधारों और प्रयासों का सकारात्मक परिणाम देश को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय भारत केवल रक्षा उपकरणों के आयात के लिए जाना जाता था, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल रही है।

रक्षा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 से पहले भारत का रक्षा निर्यात एक हजार करोड़ रुपये से भी कम था, जबकि अब यह बढ़कर लगभग 40 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रमाण है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि राज्य लंबे समय से देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। इसी दिशा में लखनऊ में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। साथ ही रक्षा कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण भी किया जा रहा है, जो प्रदेश और देश दोनों के लिए गौरव की बात है।

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