UPSC ने उठाया अहम कदम, Civil Services परीक्षा में बढ़ेगी जवाबदेही और पारदर्शिता

20 मई: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद उम्मीदवारों के लिए प्रोविजनल आंसर-की जारी की जाएगी। आयोग का कहना है कि इस फैसले से परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।

UPSC चेयरमैन अजय कुमार ने बताया कि यह पहल उम्मीदवारों के साथ समय पर संवाद और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने कहा कि इससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक सहभागी बनेगी, जबकि इसकी निष्पक्षता और योग्यता आधारित व्यवस्था भी कायम रहेगी।

UPSC हर साल प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के माध्यम से IAS, IPS, IFS समेत विभिन्न सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन करता है। इस वर्ष सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को आयोजित की जाएगी।

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार उम्मीदवार 31 मई तक ‘ऑनलाइन क्वेश्चन पेपर रिप्रेजेंटेशन पोर्टल (QPRep)’ के जरिए अपनी आपत्तियां दर्ज कर सकेंगे। अभ्यर्थियों को सही उत्तर के समर्थन में संक्षिप्त विवरण और तीन प्रमाणिक स्रोतों से जुड़े दस्तावेज भी जमा करने होंगे।

आयोग के अनुसार सभी आपत्तियों की जांच संबंधित विषयों के विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी। दस्तावेजों की पुष्टि के बाद अंतिम आंसर-की जारी की जाएगी।

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