19 मई: All India Organisation of Chemists and Druggists के आह्वान पर 20 मई को देशभर के साथ हिमाचल प्रदेश में भी दवा दुकानें बंद रहेंगी। अवैध और अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री तथा ई-फार्मेसी के बढ़ते चलन के विरोध में केमिस्ट और ड्रगिस्ट एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल करेंगे।
संगठन का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और ई-फार्मेसी कंपनियां बिना वैध और सत्यापित चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री और होम डिलीवरी कर रही हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। इसके अलावा ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दी जा रही भारी छूट के कारण पारंपरिक और लाइसेंसधारी छोटे दवा विक्रेताओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
हिमाचल प्रदेश के दवा विक्रेताओं ने भी इस आंदोलन को समर्थन देते हुए अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखने का फैसला लिया है। हड़ताल के दौरान स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा जाएगा, जिसमें जन स्वास्थ्य की सुरक्षा और छोटे दवा व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की जाएगी।
संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की है कि कोविड काल के दौरान जारी अधिसूचना जीएसआर 220(ई) को तुरंत वापस लिया जाए। उनका आरोप है कि इसी नियम का फायदा उठाकर कई डिजिटल प्लेटफॉर्म दवा बिक्री से जुड़े नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।