19 मई: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने भारत सरकार के कार्मिक मंत्रालय के निर्देशों के बाद वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू कर दी है। मुख्य न्यायाधीश के निर्देशों पर जारी परिपत्र में ईंधन बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर कई नए प्रावधान लागू किए गए हैं।
नई व्यवस्था के तहत हाई कोर्ट रजिस्ट्री की प्रत्येक शाखा और अनुभाग में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को सप्ताह में अधिकतम दो दिन घर से काम करने की अनुमति दी गई है। हालांकि इसके लिए संबंधित रजिस्ट्रार की मंजूरी जरूरी होगी और यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कार्यालय का काम प्रभावित न हो।
परिपत्र में कहा गया है कि रजिस्ट्रार हर सप्ताह कर्मचारियों का रोस्टर तैयार करेंगे। वर्क फ्रॉम होम करने वाले कर्मचारियों को फोन पर उपलब्ध रहना होगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्यालय पहुंचना पड़ेगा।
इसके अलावा ईंधन की बचत को ध्यान में रखते हुए हाई कोर्ट के न्यायाधीशों ने आपसी सहमति से कार पूलिंग व्यवस्था को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। वहीं जिन शाखाओं में काम की प्रकृति के कारण वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था संभव नहीं होगी, वहां संबंधित रजिस्ट्रार जरूरत के अनुसार इसमें बदलाव कर सकेंगे।