मंडी के निकाय चुनाव में भाजपा-कांग्रेस में कांटे की टक्कर, सुंदरनगर में भाजपा तो छोटे निकायों में कांग्रेस हावी

18 मई: मंडी जिले के शहरी निकाय चुनावों में इस बार भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला। मतदाताओं ने मुख्य रूप से दोनों बड़े दलों पर भरोसा जताया, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों और नोटा को लगभग नकार दिया गया। चुनाव परिणामों में जहां सुंदरनगर में भाजपा का दबदबा कायम रहा, वहीं रिवालसर, करसोग और नेरचौक जैसे छोटे शहरी निकायों में कांग्रेस ने मजबूत प्रदर्शन किया।

जिले के छह शहरी निकायों में कुल 50 पदों में से 47 सीटों पर चुनाव करवाए गए। मतगणना के बाद सामने आए परिणामों ने साफ कर दिया कि मंडी जिले में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा।

सुंदरनगर नगर परिषद में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 में से 9 वार्डों में जीत दर्ज की। कांग्रेस केवल दो सीटें जीत सकी, जबकि दो वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। सुंदरनगर को प्रदेश की सबसे बड़ी नगर परिषद माना जाता है और यहां भाजपा की जीत को पार्टी के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

सरकाघाट नगर पंचायत में भाजपा ने सात में से सात वार्डों में कब्जा जमाकर अपना दबदबा दिखाया, जबकि कांग्रेस तीन सीटों पर सिमट गई। यहां निर्दलीय उम्मीदवार खाता नहीं खोल पाए।

नेरचौक नगर पंचायत में कांग्रेस का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। यहां नौ में से आठ वार्डों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि भाजपा केवल एक सीट जीत सकी। निर्दलीय प्रत्याशियों को यहां भी सफलता नहीं मिली।

करसोग नगर पंचायत में पांच वार्डों पर चुनाव हुए, जिनमें सभी पांच सीटों पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे। एक वार्ड में चुनाव का बहिष्कार हुआ, जबकि एक वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशी निर्वाचित हुआ।

रिवालसर नगर पंचायत में कांग्रेस ने पांच सीटें जीतकर बढ़त बनाई, जबकि भाजपा को केवल एक सीट मिली। यहां एक प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध चुना जा चुका था।

जोगिंद्रनगर नगर पंचायत में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने सात में से पांच सीटों पर जीत दर्ज की। दो वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि कांग्रेस यहां अपना खाता तक नहीं खोल सकी।

निकाय चुनाव परिणामों ने यह साफ कर दिया है कि मंडी जिले में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लगातार तेज हो रही है। बड़े शहरी क्षेत्रों में भाजपा की पकड़ मजबूत बनी हुई है, जबकि छोटे नगर निकायों में कांग्रेस को जनता का बेहतर समर्थन मिला है।

Social Sharing

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *