18 मई: ईरान में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला एलपीजी टैंकर ‘सिमी’ 20 हजार टन गैस लेकर सुरक्षित रूप से गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 15 एलपीजी जहाज भारत पहुंच चुके हैं, जिससे देश में गैस आपूर्ति को लेकर राहत की उम्मीद बढ़ी है।
जानकारी के अनुसार, टैंकर ‘सिमी’ ने 13 मई को रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट पार किया था। इसके अलावा भारत आने वाला एलपीजी जहाज ‘एमवी सनशाइन’ भी हाल ही में सुरक्षित तरीके से इस समुद्री मार्ग को पार कर चुका है। जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में भारतीय नौसेना सहित कई एजेंसियां लगातार निगरानी और सहयोग कर रही हैं।
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत में भरोसा दिलाया कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाता रहेगा। उन्होंने कहा कि मित्र देशों को व्यापारिक सुरक्षा को लेकर ईरान पर भरोसा रखना चाहिए। वहीं ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने दावा किया कि क्षेत्र में शांति बहाल होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट पहले से ज्यादा सुरक्षित होगा।
उधर, यूएई के अल धफरा इलाके में स्थित बराकाह न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट के बाहर ड्रोन हमला होने से हड़कंप मच गया। हमले के बाद एक बिजली जनरेटर में आग लग गई, हालांकि आबुधाबी मीडिया ऑफिस के अनुसार घटना में कोई घायल नहीं हुआ और न्यूक्लियर प्लांट की सुरक्षा या रेडिएशन स्तर पर कोई असर नहीं पड़ा। प्लांट के सभी सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
फिलहाल किसी संगठन या देश ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन संदेह की सुई ईरान की ओर घूम रही है। हाल के दिनों में ईरान लगातार यूएई को चेतावनी देता रहा है। वहीं युद्ध के दौरान यूएई में इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम और अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।