27 अप्रैल: हमीरपुर में जनगणना-2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को हमीर भवन में फील्ड ट्रेनरों की तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उपायुक्त एवं जिला हमीरपुर की प्रधान जनगणना अधिकारी गंधर्वा राठौड़ ने जनगणना को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य बताते हुए इसमें सटीक डाटा एकत्रीकरण और एंट्री पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही भविष्य की योजनाएं तैयार की जाती हैं, इसलिए फील्ड स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने जानकारी दी कि भारत की 16वीं जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और इसके लिए तीन अलग-अलग डिजिटल प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं। इसके तहत लोग स्व-प्रगणना पोर्टल के माध्यम से स्वयं भी अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
उपायुक्त ने कहा कि हमीरपुर जिला देश के सबसे साक्षर और जागरूक जिलों में शामिल है। यदि लोगों को जनगणना के प्रति जागरूक किया जाए और उन्हें स्वयं अपनी जानकारी भरने के लिए प्रेरित किया जाए, तो यह प्रक्रिया और अधिक सुगम हो सकती है। उन्होंने सभी अधिकारियों को जनजागरूकता अभियान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
गंधर्वा राठौड़ ने मास्टर ट्रेनरों और फील्ड ट्रेनरों से अपील की कि वे कार्यशाला के बाद अपने-अपने क्षेत्रों में सुपरवाइजरों और प्रगणकों को बेहतर प्रशिक्षण दें और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि जनगणना के पहले चरण में मकानों और अन्य भवनों की सूची तैयार की जा रही है, जिसकी प्रगति जिला में संतोषजनक है। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि जिन लोगों की संपत्तियां एक से अधिक स्थानों पर हैं, उनकी गणना में विशेष सावधानी बरती जाए, ताकि किसी व्यक्ति की गिनती एक से अधिक स्थानों पर न हो और आंकड़े सटीक रहें।
कार्यशाला के पहले दिन मास्टर ट्रेनर एवं बमसन की खंड विकास अधिकारी वैशाली शर्मा और मास्टर ट्रेनर रमेश कुमार ने जनगणना से जुड़े नियमों, अधिनियमों और फील्ड ट्रेनरों की जिम्मेदारियों पर विस्तृत जानकारी साझा की।