13 अप्रैल: फ्रैक्चर के इलाज में अब बड़ी राहत मिल सकती है। एनआईटी हमीरपुर के छात्रों ने अंडे के छिलकों और जैविक तत्वों से एक खास बॉयोडिग्रेडेबल स्कैफोल्ड (रॉड) तैयार किया है, जो हड्डी जुड़ने के बाद शरीर में खुद ही घुल जाएगा। इससे मरीज को दूसरी सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
वर्तमान में इस्तेमाल होने वाली टाइटेनियम रॉड को हटाने के लिए दोबारा ऑपरेशन करना पड़ता है, जो महंगा और दर्दनाक होता है। नए स्कैफोल्ड से यह समस्या खत्म हो सकती है और इलाज सस्ता भी होगा।
यह प्रोजेक्ट मैटेरियल साइंस विभाग के छात्रों सक्षम, कृष, तनिष्क और प्रकृति ने डॉ. विक्रम वर्मा के निर्देशन में तैयार किया है। इसे टेकफेस्ट ‘निंबस’ में प्रस्तुत किया गया, जहां इसे सराहना मिली।
🔹 खासियत:
• शरीर में खुद घुलने वाली रॉड
• दूसरी सर्जरी की जरूरत नहीं
• कम खर्च और कम जोखिम