25 मार्च: हिमाचल प्रदेश में नशे, खासकर ‘चिट्टा’ के बढ़ते प्रकोप ने चिंता बढ़ा दी है। विधानसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, 2023 से जनवरी 2026 तक ड्रग्स ओवरडोज के कारण 66 लोगों की मौत हो चुकी है।
आंकड़ों के मुताबिक 2023 में 8, 2024 में 31 और 2025 में 27 मौतें दर्ज की गईं। इस दौरान नशे से जुड़े 6,246 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 5,684 में चार्जशीट दाखिल की गई। हालांकि, अब तक केवल 108 मामलों में सजा हो पाई है, जबकि बड़ी संख्या में आरोपी बरी हुए हैं और 5,000 से ज्यादा केस अदालतों में लंबित हैं।
‘चिट्टा’ प्रदेश में सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। कम मात्रा में पकड़े जाने पर आरोपियों को आसानी से जमानत मिल जाने से भी समस्या बढ़ रही है। पिछले तीन वर्षों में करीब 5,298 आरोपी जमानत पर रिहा हुए हैं।
स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। नशा तस्करों की संपत्तियां जब्त की जा रही हैं, ‘नशामुक्त हिमाचल’ ऐप और हेल्पलाइन 112 शुरू की गई है, वहीं नशा मुक्ति केंद्रों और निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।