23 मार्च: धर्मशाला के रैत में आयोजित एक दिवसीय जागरूकता शिविर में उपमुख्य संचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश सरकार का 2026-27 का बजट किसानों और बागबानों के हित में तैयार किया गया है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। उन्होंने बताया कि लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करते हुए राज्य किसान आयोग के गठन का ऐलान किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की गई है। हल्दी का MSP 90 से बढ़ाकर 150 रुपये, अदरक का पहली बार 30 रुपये, गेहूं 60 से 80 रुपये, मक्का 40 से 50 रुपये और जौ 60 से 80 रुपये प्रति किलो किया गया है। इसके अलावा ऊन के लिए 100 रुपये प्रति किलो का समर्थन मूल्य तय किया गया है।
सरकार ने हमीरपुर में प्राकृतिक उत्पादों की जांच के लिए आधुनिक लैब और मार्केटिंग सेल स्थापित करने, खेत बाड़बंदी योजना के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान करने और बीज गांव व सामुदायिक बीज बैंक स्थापित करने की भी घोषणा की है। बीज उत्पादकों को 5 हजार रुपये प्रति बीघा सब्सिडी और प्रत्येक बीज गांव को 2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
इस दौरान पठानिया ने पैरामिलिट्री वेलफेयर बोर्ड के गठन और कांगड़ा में एयरोसिटी बनाने की घोषणा का भी जिक्र किया। कार्यक्रम में करीब 1000 किसानों ने भाग लिया, जिन्हें फल व सब्जियों के पौधे और कृषि किट वितरित किए गए। विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी भी दी।