9 अक्तूबर: जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से नीलम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बिहड़ू, तहसील ढटवाल में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को निःशुल्क कानूनी सहायता, उनके अधिकारों और विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
कुलदीप शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोगों, महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों, आपदा एवं अत्याचार पीड़ितों, श्रमिकों, किन्नरों, कैदियों तथा तीन लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले सभी वर्गों के पात्र लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करने का प्रावधान है। पात्र व्यक्ति किसी भी न्यायालय परिसर में स्थापित फ्रंट ऑफिस में आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा नालसा के हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क करके भी कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि मानसिक बीमारी और बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए नालसा ने मनोन्याय योजना शुरू की है। मानसिक बीमारी के कारण इधर-उधर भटक रहे लोगों की सहायता के लिए 7 से 9 अक्तूबर तक विशेष अभियान भी चलाया गया है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नालसा की विभिन्न योजनाओं, नशे की समस्या एवं एनडीपीएस अधिनियम, मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों, रैगिंग रोधी कानून, साइबर अपराधों से बचाव तथा मोटर वाहन अधिनियम सहित अन्य महत्वपूर्ण कानूनों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
कुलदीप शर्मा ने बताया कि अदालतों में लंबित मामलों का निपटारा मध्यस्थता, सुलह और आपसी सहमति के माध्यम से भी किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, सभी न्यायालयों में समय-समय पर आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालतों के माध्यम से भी मामलों का त्वरित निपटारा करवाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अगली राष्ट्रीय लोक अदालत 12 दिसंबर को आयोजित होगी। संबंधित पक्ष इस अवसर का लाभ उठाकर अपने मामलों का निपटारा करवा सकते हैं।