7 अक्तूबर: हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठों के दर्शन के लिए उत्तर प्रदेश से आए श्रद्धालुओं के साथ मंगलवार को लापरवाही का हैरान करने वाला मामला सामने आया। श्रद्धालुओं का करीब 7 वर्षीय बच्चा ऊना जिले के धुसाड़ा (अम्ब) स्थित एक ढाबे पर ही छूट गया, जबकि परिवार करीब 70 से 80 किलोमीटर दूर श्री नयनादेवी मंदिर पहुंच गया। हैरानी की बात यह रही कि लंबी यात्रा के दौरान माता-पिता को पता तक नहीं चला कि बच्चा उनके साथ नहीं है। अम्ब पुलिस की तत्परता से बच्चा सकुशल अपने परिवार से मिल सका।
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश से आए श्रद्धालुओं का समूह मंगलवार को ज्वालाजी मंदिर में दर्शन करने के बाद श्री नयनादेवी मंदिर जा रहा था। रास्ते में उनकी टैम्पो ट्रैवलर धुसाड़ा, अम्ब स्थित एक ढाबे पर चाय-नाश्ते के लिए रुकी। नाश्ता करने के बाद सभी श्रद्धालु वाहन में सवार होकर आगे रवाना हो गए, लेकिन करीब 7 वर्षीय बच्चा ढाबे पर ही रह गया।
वाहन के जाने के बाद बच्चा अपने माता-पिता को तलाशते हुए रोने लगा। ढाबा संचालक गुरपाल सिंह ने बच्चे से उसके परिजनों के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन बच्चा माता-पिता का मोबाइल नंबर नहीं बता सका। इसके बाद ढाबा संचालक ने विशाल ठाकुर उर्फ बब्बू से संपर्क कर उन्हें घटना की जानकारी दी। मामले की सूचना थाना अम्ब पुलिस को भी दी गई।
पुलिस टीम ने ढाबे पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज की मदद से टैम्पो ट्रैवलर का नंबर ट्रेस किया। वाहन जम्मू-कश्मीर का होने के कारण पुलिस ने ऑनलाइन माध्यम से उसके मालिक का मोबाइल नंबर हासिल किया और इसके बाद चालक से संपर्क किया।
चालक ने पुलिस को बताया कि श्रद्धालु श्री नयनादेवी मंदिर में दर्शन कर रहे हैं। उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि उनका बच्चा पीछे छूट गया है। चालक ने श्रद्धालुओं को बच्चे के ढाबे पर छूटने की जानकारी दी और पुलिस के संपर्क में रहा।
इसके बाद पुलिस ने अभिभावकों को अम्ब थाना पहुंचने के लिए कहा। देर शाम माता-पिता थाना अम्ब पहुंचे, जहां पुलिस ने बच्चे को सकुशल उनके हवाले कर दिया। पुलिस ने अभिभावकों को भविष्य में बच्चे की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की नसीहत भी दी।