1 अक्तूबर : महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के लिए बुधवार को हमीरपुर में खंड स्तरीय निगरानी एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम संजीत सिंह ने की।
एसडीएम ने बताया कि हमीरपुर खंड में इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत निराश्रित महिलाओं के 207 बच्चों की शिक्षा के लिए अब तक 27.24 लाख रुपये तथा 32 बच्चों की उच्च शिक्षा और हॉस्टल फीस के लिए 9.08 लाख रुपये दिए गए हैं। इस तरह योजना के तहत कुल 36.32 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत 14 लाभार्थी बच्चों को 7.28 लाख रुपये की सहायता दी गई है। इसके अलावा दो युवाओं की उच्च शिक्षा के लिए 1.99 लाख रुपये, दो युवाओं की शादी के लिए चार लाख रुपये और तीन युवाओं के मकान निर्माण के लिए 4.50 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इस प्रकार मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत बच्चों और युवाओं को कुल 17.77 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
एसडीएम ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 1896 लाभार्थियों को करीब 71.25 लाख रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 3.06 लाख, मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत 3.10 लाख और विधवा पुनर्विवाह योजना के तहत दो लाख रुपये वितरित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि हमीरपुर खंड में छह माह से तीन वर्ष तक की आयु के 1828 शिशुओं, 646 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत तीन से छह वर्ष तक के 428 बच्चों को पूरक पोषाहार उपलब्ध करवाया जा रहा है। खंड में तीन से छह वर्ष की आयु के कुल 1748 बच्चे हैं, जिनमें 289 सरकारी स्कूलों, 1031 निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं, जबकि 428 बच्चे आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत हैं।
बैठक में पोषण 2.0 योजना की समीक्षा करते हुए एसडीएम ने कुपोषित बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य की विशेष निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना, आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति, महिला हेल्पलाइन नंबर 181, वन स्टॉप सेंटर, क्रैच और अन्य सुविधाओं की भी समीक्षा की गई।
बाल विकास परियोजना अधिकारी कुलदीप सिंह चौहान ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट और उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।