30 सितम्बर: जल जीवन मिशन के तहत जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के कार्यों की समीक्षा के लिए मंगलवार को सोलन में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त सोलन दिव्यांशु सिंगल ने की।
अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन के तहत चल रहे सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के उच्च मानकों को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए विभाग स्थानीय लोगों के साथ समन्वय स्थापित कर जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करे।
दिव्यांशु सिंगल ने संबंधित अधिकारियों को स्कूलों और कार्यालयों में पेयजल टैंकों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले पेयजल की गुणवत्ता की जांच करने को भी कहा।
उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक पंचायत में ‘हर घर जल’ की प्रमाणिकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्रों में प्राकृतिक पेयजल स्रोतों की सफाई और नियमित निरीक्षण करवाने का आग्रह किया, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
अतिरिक्त उपायुक्त ने आमजन से भी आग्रह किया कि वे निर्धारित शुल्क जमा करवाकर जल शक्ति विभाग से अपने पेयजल की गुणवत्ता की जांच करवा सकते हैं।
बैठक में जल शक्ति विभाग की ओर से जल जीवन मिशन के तहत चल रही विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी गई। बैठक की कार्यवाही का संचालन जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता आशीष राणा ने किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी और जल शक्ति विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।