15 सितंबर:हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से जिला ऊना में 16 सितंबर 2026 को “Anti-Chitta & Environment Awareness Walkathon” आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू विशेष रूप से शामिल होंगे।
वॉकथॉन इंदिरा गांधी स्टेडियम, ऊना से शुरू होकर आईएसबीटी ऊना तक जाएगा और वहां से वापस इंदिरा गांधी स्टेडियम पहुंचेगा। कार्यक्रम के दौरान शहर के कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहेगा। इसे देखते हुए पुलिस ने विभिन्न दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं।
अंब की ओर से हमीरपुर जाने वाले वाहन बडूही, खुरबाईं और बंगाणा होकर जा सकेंगे, जबकि चंडीगढ़ की ओर जाने वाले वाहन झलेड़ा, घालुवाल, हरोली और अजौली मार्ग का उपयोग करेंगे। नंगल/चंडीगढ़ की ओर से अंब जाने वाले वाहन अजौली, संतोषगढ़, हरोली और झलेड़ा होकर जा सकेंगे। हमीरपुर जाने वाले वाहनों के लिए मैहतपुर, बहडाला, चताड़ा और थानाकलां मार्ग निर्धारित किया गया है।
हमीरपुर की ओर से आने वाले वाहन अंब जाने के लिए थानाकलां, खुरबाईं और बडूही मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे। चंडीगढ़/नंगल की ओर जाने वाले वाहनों के लिए थानाकलां, बिहड़ू, बहडाला अथवा मैहतपुर मार्ग उपलब्ध रहेगा। होशियारपुर की ओर से आने वाले वाहनों को अंब की दिशा में निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा।
आईएसबीटी ऊना प्रभावित रहने के कारण एचआरटीसी ने यात्रियों की सुविधा के लिए चार वैकल्पिक बस स्टैंड निर्धारित किए हैं। हमीरपुर की दिशा से ऊना आने वाले यात्री पुराने बस स्टैंड ऊना, अंब की दिशा से आने वाले यात्री झलेड़ा, हरोली की दिशा से आने वाले यात्री रामपुर और चंडीगढ़/नंगल की दिशा से आने वाले यात्री बहडाला से बस सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। इन स्थानों पर एचआरटीसी और पुलिस के नामित अधिकारी व कर्मचारी यात्रियों को बसों के रूट, समय और आगे के आवागमन की जानकारी देंगे।
यह यातायात एवं परिवहन व्यवस्था 16 सितंबर को सुबह 8 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक अथवा आवश्यकता के अनुसार दोपहर तक लागू रहेगी। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड तथा अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहनों पर डायवर्जन लागू नहीं होगा।
जिला पुलिस ऊना ने आम जनता से अपील की है कि 16 सितंबर को अपनी यात्रा पहले से प्लान करें और निर्धारित अवधि के दौरान प्रभावित मार्गों पर अनावश्यक आवागमन से बचें। पुलिस, एचआरटीसी और प्रशासन की टीमें विभिन्न स्थानों पर तैनात रहेंगी तथा यात्रियों और आम लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाएंगी।
नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। प्रशासन ने लोगों से “Anti-Chitta” अभियान को जन-आंदोलन बनाने और नशामुक्त, सुरक्षित एवं स्वस्थ हिमाचल के निर्माण में सहयोग देने का आह्वान किया है।