12 सितंबर: उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में एड्स सुरक्षा (MAS), जिला एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण समिति (DAPCC) तथा जिला सामुदायिक संसाधन समूह की बैठक आयोजित की गई। बैठक में एचआईवी/एड्स की रोकथाम, जागरूकता बढ़ाने और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर विभिन्न विभागों एवं हितधारकों के बीच समन्वय मजबूत करने पर चर्चा की गई।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि एचआईवी/एड्स की रोकथाम के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने संबंधित विभागों और संस्थाओं को आपसी समन्वय से जागरूकता कार्यक्रमों को व्यापक बनाने तथा समाज के सभी वर्गों तक सही एवं वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के प्रति भेदभाव और सामाजिक कलंक को समाप्त करना सामूहिक जिम्मेदारी है। लोगों को एचआईवी/एड्स से जुड़ी भ्रांतियों से बचना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर समय पर जांच एवं उपचार सेवाओं का लाभ लेना चाहिए।
बैठक में जिला में एचआईवी/एड्स से संबंधित जागरूकता गतिविधियों, जोखिम वाले समूहों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, परामर्श एवं जांच सेवाओं को प्रभावी बनाने तथा संक्रमित व्यक्तियों को आवश्यक स्वास्थ्य एवं सामाजिक सहयोग उपलब्ध करवाने पर भी चर्चा हुई। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला में संचालित गतिविधियों की समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने एड्स की रोकथाम, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने के लिए सुझाव भी दिए।
इसके अलावा जिला शिमला में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (NDD) और एचपीवी टीकाकरण अभियान की तैयारियों एवं प्रगति की समीक्षा के लिए जिला टास्क फोर्स की बैठक भी आयोजित की गई। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का पहला चरण 18 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। अभियान सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त एवं निजी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित होगा।
अभियान के तहत 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को एल्बेंडाजोल की कृमिनाशक दवा दी जाएगी, जबकि 1 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक भी प्रदान की जाएगी। नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूलों के माध्यम से अभियान में शामिल किया जाएगा, जबकि 1 से 5 वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कवर किया जाएगा। अभियान का संयुक्त संचालन स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा शिक्षा विभाग द्वारा किया जाएगा।
जिला शिमला की फैक्ट शीट के अनुसार अभियान के लिए 2,105 सरकारी स्कूल, 450 निजी स्कूल, 2,154 आंगनबाड़ी केंद्र और 997 आशा कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 2,15,738 बच्चों को एल्बेंडाजोल देने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 1 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 51,660 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।