12 सितंबर: हौसला मजबूत हो तो शारीरिक चुनौतियां भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रैत की होनहार छात्रा पलक चौधरी ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत के दम पर यह साबित कर दिखाया है। 80 प्रतिशत से अधिक शारीरिक दिव्यांगता और सेरेब्रल पाल्सी के कारण चलने में असमर्थ पलक ने मार्च 2026 में आयोजित 12वीं की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर शानदार सफलता प्राप्त की।
12वीं के बाद पलक ने डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) की प्रवेश परीक्षा भी उत्तीर्ण की। अब उन्होंने ज्ञान ज्योति कॉलेज, राजोल में डीएलएड में प्रवेश लेकर अपने भविष्य की नई शुरुआत की है।
पलक की इस सफलता में उनके परिवार के साथ-साथ रैत स्कूल के शिक्षकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उच्च शिक्षा में सहयोग के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य शमशेर भारती और समस्त शिक्षकों ने प्रार्थना सभा के दौरान पलक को 51 हजार रुपये की सहयोग राशि भेंट कर उनका हौसला बढ़ाया। वहीं, अध्यापिका अनुपम ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद के उद्देश्य से अपनी लिखी पुस्तक भी उन्हें उपहार स्वरूप प्रदान की।
गुरुजनों से मिले इस स्नेह और सहयोग से पलक भावुक हो गईं और उन्होंने सभी शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। पलक का चयन सरकारी संस्थान डाइट धर्मशाला में भी हुआ था, लेकिन घर से दूरी अधिक होने के कारण उन्होंने आवागमन की सुविधा को देखते हुए राजोल स्थित निजी संस्थान में प्रवेश लेने का निर्णय लिया।
पलक की कहानी केवल शैक्षणिक सफलता की कहानी नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, संघर्ष और उम्मीद की मिसाल है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, मजबूत हौसले और मेहनत के दम पर अपने सपनों को पूरा किया जा सकता है।