10 अगस्त , तरसेम जरयाल: राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के सभागार में शनिवार को युवाओं के सशक्तिकरण और व्यक्तित्व विकास को लेकर ‘यूथ एम्पावरमेंट’ विषय पर मोटिवेशनल व्याख्यान एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 400 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं वक्ता आईपीएस अधिकारी तथा डीआईजी, नॉर्दर्न रेंज कांगड़ा सौम्या सांबशिवन रहीं।
आईपीएस सौम्या सांबशिवन ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन, निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सफलता, असफलता, भविष्य की चुनौतियों और जीवन में आगे बढ़ने से जुड़े कई सवाल पूछे। विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। सही दिशा में निरंतर मेहनत और धैर्य के साथ किया गया प्रयास ही व्यक्ति को लक्ष्य तक पहुंचाता है।
संवाद के दौरान तनाव प्रबंधन पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों ने तनाव और दबावपूर्ण परिस्थितियों से निपटने को लेकर सवाल किए। सौम्या सांबशिवन ने उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने, समस्याओं को सकारात्मक नजरिए से देखने और भावनाओं पर नियंत्रण रखते हुए विवेकपूर्ण निर्णय लेने की सलाह दी।
विद्यार्थियों ने वाहन चलाते समय मोबाइल और ब्लूटूथ तकनीक के इस्तेमाल से होने वाले हादसों तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े सवाल भी पूछे। इस दौरान वाहन चलाते समय सावधानी बरतने और यातायात नियमों का पालन करने पर जोर दिया गया।
युवाओं की सामाजिक भूमिका और विरोध-प्रदर्शन से जुड़े सवालों पर भी चर्चा हुई। मुख्य अतिथि ने लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के सम्मान और अपनी बात को जिम्मेदारी तथा शांतिपूर्ण तरीके से रखने के महत्व पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
आईपीएस सौम्या सांबशिवन ने अपने प्रशासनिक अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा करने के साथ अपनी प्रेरणादायी कविताओं का पाठ भी किया। उनकी कविताओं और विचारों ने विद्यार्थियों में उत्साह और नई ऊर्जा का संचार किया।
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक चेतना, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे कार्यक्रमों को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम का आयोजन बीसीए विभाग की ओर से किया गया। इसमें बीटेक, एमसीए, बीसीए, बायोटेक्नोलॉजी, बी.वोक के अलावा बीएससी और कला संकाय के विद्यार्थियों ने भी भाग लिया।
कार्यक्रम में डॉ. संजय जसरोटिया, समन्वयक बीटेक, डॉ. रंजीत ठाकुर, समन्वयक बीसीए, डॉ. विक्रम वत्स, समन्वयक एमसीए, प्रो. अंजना खरवाल, समन्वयक बायोटेक्नोलॉजी तथा प्रो. नरेश धीमान, समन्वयक बी.वोक सहित विभिन्न विभागों के समन्वयक एवं संकाय सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में बीसीए विभाग के प्रो. रितेश ठाकुर, प्रो. निशांत धीमान, डॉ. श्वेता गुप्ता, प्रो. नैन्सी नेहरिया और प्रो. शिवांगी ठाकुर का विशेष योगदान रहा। वहीं, अंग्रेजी विभाग के प्रो. हर्ष गुलरिया ने कार्यक्रम की तैयारियों के साथ ड्रामा और रचनात्मक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को सफलता, तनाव प्रबंधन, सड़क सुरक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर उपयोगी जानकारी मिली। अंत में डॉ. रंजीत ठाकुर ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मुख्य अतिथि, प्राचार्य, विभागीय समन्वयकों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।