8 अगस्त: हिमाचल प्रदेश के आर्थिक हितों और संसाधनों को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार द्वारा लिए गए फैसलों के समर्थन में लंज में धन्यवाद रैली का आयोजन किया गया। उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया की अगुवाई में निकाली गई रैली लंज से रेस्ट हाउस तक पहुंची।
इस दौरान केवल सिंह पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचली हितों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उनकी नीतियों और मजबूत फैसलों के कारण हिमाचल प्रदेश अपने अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज उठा पा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के फैसलों को जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है।
पठानिया ने कहा कि किशाऊ जलविद्युत परियोजना को लेकर हिमाचल सरकार की मजबूत कानूनी पैरवी के चलते दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा जैसे लाभार्थी राज्यों को पानी के घटक की करीब 2,000 करोड़ रुपये की लागत वहन करने पर सहमत किया गया है। इससे हिमाचल को अपने हिस्से के रूप में सालाना करीब 600 करोड़ रुपये मूल्य की मुफ्त बिजली मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने बड़ी निजी कंपनियों से 18 प्रतिशत फ्री पावर शेयर सुनिश्चित कर प्रदेश के राजस्व को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके अलावा ग्रीन पंचायत योजना के तहत 100 ग्राम पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट लगाए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से मिलने वाले राजस्व का 20 प्रतिशत हिस्सा सीधे राज्य सरकार को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने नीति आयोग और केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल का पक्ष मजबूती से रखा है। हिमाचल प्रदेश देश को हर साल करीब 90 हजार करोड़ रुपये की पर्यावरणीय सेवाएं प्रदान करता है। इसके बदले प्रदेश को उचित आर्थिक मुआवजा मिलना चाहिए, ताकि राज्य के संसाधनों की कमी को दूर किया जा सके।
पठानिया ने कहा कि हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल की जनता सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है।