31 जुलाई : राज्यसभा में शुक्रवार को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी। हंगामे के कारण शून्यकाल की कार्यवाही भी नहीं हो सकी।
विधायी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद जैसे ही सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने कार्यवाही आगे बढ़ाने की कोशिश की, विपक्षी सदस्यों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि उन्होंने नियम 267 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।
सभापति ने स्पष्ट किया कि नियम 267 के तहत कोई भी नोटिस स्वीकार नहीं किया जाएगा और इस संबंध में पहले ही निर्णय दिया जा चुका है। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से अन्य सदस्यों की बात सुनने का आग्रह करते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही व्यवस्थित ढंग से चलनी चाहिए।
हंगामे के बीच सभापति ने शून्यकाल की कार्यवाही शुरू करने का प्रयास किया। कुछ सदस्यों ने अपने मुद्दे उठाने की कोशिश भी की, लेकिन लगातार शोर-शराबे के कारण उनकी बात स्पष्ट रूप से सुनाई नहीं दे सकी।
इस दौरान कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर संसद में सड़क छाप राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष संविधान और सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाकर अराजकता फैलाना चाहता है और सरकार इसकी कड़ी निंदा करती है।