29 जुलाई: हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने चियोग स्कूल में दलित छात्रा के हाथों से भोजन न खाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब करने का निर्णय लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बचत भवन में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने की। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव या अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छुआछूत एक सामाजिक अभिशाप है और इसके विरुद्ध बने कानूनों का सख्ती से पालन होना चाहिए। साथ ही जिला प्रशासन को जिले के अंबेडकर भवनों की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के दौरान आयोग ने ‘भीम पत्र’ का भी लोकार्पण किया। इसमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के संवैधानिक अधिकारों, आरक्षण व्यवस्था और सामाजिक न्याय से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों की संक्षिप्त जानकारी दी गई है। आयोग ने बताया कि भविष्य में सरकारी योजनाओं की जानकारी से संबंधित एक और विशेष पत्र भी जारी किया जाएगा।
बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े मुद्दों, आरक्षण, सामाजिक भेदभाव, कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव और मांगें भी रखीं।