27 जुलाई: हिमाचल प्रदेश सरकार के ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’ अभियान के तहत सोमवार को राजकीय महाविद्यालय सोलन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को चिट्टा सहित अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराया और उन्हें नशामुक्त, अनुशासित एवं लक्ष्यपूर्ण जीवन अपनाने का संदेश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि विद्यार्थी जीवन का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य शिक्षा प्राप्त करना और अपने भविष्य को संवारना है। उन्होंने कहा कि यदि युवा अनुशासन, मेहनत और समर्पण के साथ अध्ययन करें तो वे जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चिट्टा जैसे सिंथेटिक नशे केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज के लिए भी गंभीर खतरा हैं। इसलिए युवाओं को हर प्रकार के नशे से दूर रहना चाहिए और अपने साथियों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना चाहिए।
मनमोहन शर्मा ने विद्यार्थियों से अपने घरों में भी नशा विरोधी संदेश पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नशा तस्करों और अवैध नशा कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। साथ ही, नशे के कारोबार की सूचना देने वाले जागरूक नागरिकों के लिए पुरस्कार योजना भी चलाई जा रही है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि उन्हें कहीं भी नशे के अवैध कारोबार की जानकारी मिले तो इसकी सूचना पुलिस या प्रशासन को दें, ताकि ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों को नशा न करने तथा दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई।