18 अप्रैल: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिनमें सबसे बड़ी राहत होम स्टे संचालकों को मिली है। अब उन्हें फायर NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। हालांकि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए होम स्टे में अग्निशामक यंत्र लगाना जरूरी रहेगा, जिसकी निगरानी पर्यटन विभाग करेगा। साथ ही जल भंडारण की शर्त को भी काफी कम कर दिया गया है—पहले जहां 1.5 लाख लीटर टैंक जरूरी था, अब इसे घटाकर 5,000 लीटर कर दिया गया है।
इसके अलावा मंत्रिमंडल ने हाइड्रो पावर पॉलिसी-2006 के तहत 71 लघु जलविद्युत परियोजनाएं निजी उत्पादकों को देने का फैसला किया है। न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हाईकोर्ट के जजों सहित अन्य न्यायाधीशों के लिए नई गाड़ियों की खरीद को भी मंजूरी दी गई है।
सिरमौर जिले में जल शक्ति विभाग के मंडलों का पुनर्गठन विधानसभा क्षेत्रों के आधार पर किया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान में देरी की समस्या को दूर करने के लिए नियमों में संशोधन किया गया है, जिससे लाभार्थियों को समय पर पैसा मिल सके।
युवाओं को सेना में भर्ती के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ऑनरेरी कैप्टन संजय कुमार की सेवाएं 1 मई से ली जाएंगी। इसके अलावा शिमला में पेयजल योजना से जुड़ी परिसंपत्तियों को शहरी विकास विभाग को स्थानांतरित करने का निर्णय भी लिया गया है, जिससे योजना का संचालन और बेहतर तरीके से हो सके।
