7 जुलाई: आवास, नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) को प्रदेश में संचालित और प्रस्तावित सभी विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। वह शिमला में हिमुडा निदेशक मंडल की 59वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में 251 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्य योजना एवं बजट अनुमान को मंजूरी दी गई। इसमें भविष्य की आवास एवं शहरी विकास परियोजनाओं के लिए भूमि खरीद हेतु 52 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मंत्री ने कहा कि सुनियोजित भूमि अधिग्रहण से आने वाले वर्षों में हिमुडा की योजनाबद्ध विकास परियोजनाओं को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने प्रदेश में चल रही विभिन्न आवास एवं आधारभूत ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।
निदेशक मंडल ने ऊना जिले के रक्कड़ फेज-4 स्थित हिमुडा कॉलोनी के लिए एकमुश्त समाधान (वन टाइम सेटलमेंट) नीति को भी मंजूरी दी। इससे पात्र आवंटियों को राहत मिलेगी और लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान का रास्ता साफ होगा।
बैठक में बताया गया कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 117 करोड़ रुपये के बजट अनुमान के मुकाबले हिमुडा ने 200 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। संस्थान की कार्यक्षमता को और मजबूत बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के नियमों के अनुरूप ठेकेदार पंजीकरण नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी गई।
इसके अलावा, शिमला के निगम विहार स्थित हिमुडा मुख्यालय को आधुनिक कॉरपोरेट स्वरूप देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इससे कार्यालय का कार्य वातावरण बेहतर होगा और आम लोगों को सेवाएं अधिक प्रभावी तथा सुगमता से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
हिमुडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेंद्र वशिष्ठ ने बैठक में प्राधिकरण की उपलब्धियों, विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य की विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में सचिव आवास अमरजीत सिंह, उपाध्यक्ष हिमुडा यशवंत छाजटा, विशेष सचिव (वित्त) विजयवर्धन तथा निदेशक मंडल के सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्य भी उपस्थित रहे।