6 मई: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के रोहड़ू उपमंडल की तांगण-जांगलिख पंचायत में वृद्धावस्था पैंशन योजना को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि 44 से 54 वर्ष आयु वर्ग के करीब 45 लोगों को दस्तावेजों में उम्र बढ़ाकर बुजुर्ग दिखाया गया और उन्हें पैंशन का लाभ दिलाया गया।
ग्रामीणों के अनुसार यह गड़बड़ी पिछले कई वर्षों से जारी है। कुछ लाभार्थी वर्ष 2018-19 से ही पैंशन ले रहे हैं, जबकि कई नाम 2021 के बाद जोड़े गए। संदिग्ध लाभार्थियों में तांगण गांव के लगभग 20 और जांगलिख क्षेत्र के 25 लोग शामिल बताए जा रहे हैं।
मामले में पंचायत स्तर पर मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। आरोप है कि परिवार रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों में हेराफेरी कर पात्रता पूरी दिखाकर पैंशन स्वीकृत करवाई गई।
शिकायतें सामने आने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आ गया है। जिला कल्याण विभाग ने ऑनलाइन और ऑफलाइन रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और सभी तथ्यों की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
इधर, कार्रवाई में देरी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।