16 जुलाई: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार जिला अस्पतालों और सभी सात राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ कर रही है, ताकि लोगों को घर के नजदीक ही बेहतर इलाज मिल सके। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला अस्पताल लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, कुल्लू, ऊना, सोलन और धर्मशाला, जिला अस्पताल किन्नौर, डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नाहन तथा पालमपुर में 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जाएंगी। वहीं प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में अत्याधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीनें भी लगाई जाएंगी, जिससे विशेषज्ञ जांच और उपचार की सुविधाएं और बेहतर होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला अस्पताल नाहन और हमीरपुर, क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, सोलन और धर्मशाला में डिजिटल मैमोग्राफी मशीनें भी स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा 42 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की खरीद प्रक्रिया जारी है, जिनमें से 14 मशीनें प्राप्त हो चुकी हैं। इनका उपयोग विशेष रूप से दुर्गम क्षेत्रों में छाती की जांच और टीबी की जल्द पहचान के लिए किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी चमियाना, आईजीएमसी शिमला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर और श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचौक में 256-स्लाइस हाई-एंड सीटी स्कैन मशीनें स्थापित की जाएंगी। साथ ही प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में डिजिटल एक्स-रे और 4डी अल्ट्रासाउंड मशीनें भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एम्स, नई दिल्ली के मानकों के अनुरूप चिकित्सा उपकरणों की खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों के रेडियोलॉजी विभागों को और सशक्त बनाने पर भी जोर दिया। बैठक में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीशियनों की भर्ती की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है और जल्द ही सभी सात सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की खरीद प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हिमाचल में ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों को इलाज के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।