30 अक्तूबर: राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर के छात्र सर्वेश शर्मा के हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरने के मामले में नया खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में छात्र को ड्रोन प्रोजेक्ट के लिए 3.5 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलने का दावा फर्जी पाया गया है। जांच में सामने आया है कि इस मामले में कथित तौर पर ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई थी। वहीं, घायल छात्र सर्वेश कुमार का चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में उपचार चल रहा है और उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, सर्वेश शर्मा राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर के कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग में पांचवें सेमेस्टर का छात्र है। उसे डिजिटल मैसेज के माध्यम से यह विश्वास दिलाया गया था कि उसके ‘रूद्रा एज टी-1 (स्पेक्ट्रा)’ प्रोजेक्ट के लिए इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (आईडेक्स) पहल के तहत 3.5 करोड़ रुपये की ग्रांट मंजूर हुई है। यह पहल डिफेंस इनोवेशन ऑर्गनाइजेशन (डीआईओ) से संबंधित है।
हालांकि, डीआईओ से मिली आधिकारिक जानकारी में स्पष्ट हुआ है कि संगठन के रिकॉर्ड में छात्र या उससे जुड़े किसी स्टार्टअप के नाम पर ऐसी कोई ग्रांट मंजूर होने का उल्लेख नहीं है। संगठन ने इस संबंध में किसी तरह की सहायता दिए जाने से भी इनकार किया है। इसके बाद संस्थान के प्रिंसीपल ने सदर थाना हमीरपुर में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
गुरुवार को एएसपी राजेश कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम राजकीय बहुतकनीकी संस्थान बड़ू पहुंची। टीम ने छात्र के हॉस्टल के कमरे की जांच की और कॉलेज प्रबंधन के साथ कुछ छात्रों से भी पूछताछ की। पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित तथ्य जुटाए हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि छात्र तीसरी मंजिल से दुर्घटनावश गिरा था या घटना के पीछे कोई अन्य कारण था।
संस्थान के प्रिंसीपल के अनुसार, सर्वेश ज्यादा बातचीत नहीं करता था। उसने अपनी एक कंपनी बनाई थी और एक बार बताया था कि उसे सेना के लिए ड्रोन बनाने का ऑफर मिला है। इस प्रोजेक्ट पर वह अपने कुछ छात्र साथियों के सहयोग से काम कर रहा था। हालांकि, वह अपनी गतिविधियों और प्रोजेक्ट से जुड़ी ज्यादा जानकारी साझा नहीं करता था।
गौरतलब है कि सितंबर में सर्वेश को ड्रोन बनाने के लिए 3.5 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलने का मामला सामने आया था। इसके बाद देशभर में उसकी चर्चा हुई थी। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर राज्यपाल कविंद्र गुप्ता सहित कई बड़ी हस्तियों और सामाजिक संगठनों ने भी छात्र को सम्मानित किया था।
वहीं, 15 अक्तूबर को सेना की ओर से फोन आने के बाद इस मामले की जांच शुरू हुई थी। 27 अक्तूबर को सेना ने छात्र का रिकॉर्ड मांगा था। इसके अगले दिन यानी 28 अक्तूबर को सर्वेश हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरकर घायल हो गया था। फिलहाल उसका पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार चल रहा है। पुलिस पूरे मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।