सीयूएचपी में विधि शिक्षा का आगाज, जुलाई से शुरू होंगे पांच वर्षीय लॉ प्रोग्राम

13 जून : केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश (सीयूएचपी) में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कानून की पढ़ाई का रास्ता साफ हो गया है। विश्वविद्यालय में इसी वर्ष से पांच वर्षीय एकीकृत बीए-एलएलबी और बीकॉम-एलएलबी पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिससे प्रदेश और देशभर के विद्यार्थियों को लॉ की पढ़ाई के लिए नया विकल्प मिलेगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार दोनों पाठ्यक्रमों में 60-60 सीटें प्रस्तावित की गई हैं। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की केंद्रीय टीम जून माह में विश्वविद्यालय का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के बाद अंतिम स्वीकृति मिलने पर धर्मशाला परिसर में ही कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी।

लंबे समय से विश्वविद्यालय में विधि शिक्षा शुरू करने की मांग की जा रही थी। अब बीसीआई से सकारात्मक संकेत मिलने के बाद विद्यार्थियों को कानून की पढ़ाई के लिए अन्य राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इन एकीकृत पाठ्यक्रमों के तहत छात्रों को स्नातक डिग्री के साथ-साथ बैचलर ऑफ लॉ (एलएलबी) की डिग्री भी प्राप्त होगी।

केंद्रीय विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार नरेंद्र कुमार सांख्यान ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र से बीए-एलएलबी और बीकॉम-एलएलबी कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। बीसीआई की टीम इसी माह निरीक्षण के लिए पहुंचेगी और अंतिम मंजूरी के बाद प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

इस बीच संस्कृत शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए भी राहत की खबर है। हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्राक् शास्त्री प्रथम वर्ष में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब विद्यार्थी 30 जून तक बिना किसी विलंब शुल्क के प्रवेश ले सकेंगे। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. हरीश कुमार द्वारा जारी आदेशों के तहत प्रदेश के सभी सरकारी और निजी संस्कृत महाविद्यालयों को आवश्यक निर्देश भेज दिए गए हैं।

Social Sharing

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *