11 जून : प्रदेश के डिपो संचालकों ने सस्ते राशन की सप्लाई व्यवस्था में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि खाद्य आपूर्ति निगम के गोदामों से भेजा गया राशन डिपुओं तक पहुंचते-पहुंचते कम हो रहा है, जिससे राशन वितरण में दिक्कतें आ रही हैं।
प्रदेश डिपो संचालक समिति के अनुसार विभिन्न डिपुओं में राशन की बोरियों का वजन कम पाया गया है। समिति का दावा है कि कई स्थानों पर चावल, आटा और अन्य खाद्य सामग्री निर्धारित मात्रा से कम पहुंच रही है। इससे राशन कार्ड धारकों को पूरा राशन उपलब्ध करवाना डिपो संचालकों के लिए चुनौती बन रहा है।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कवि ने कहा कि इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि राशन की मात्रा और वजन की जांच डिपो स्तर पर तो की जाती है, लेकिन गोदामों और सप्लाई प्रक्रिया की नियमित जांच नहीं हो रही।
समिति ने खाद्य तेल की सप्लाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कुछ मामलों में निर्धारित मात्रा से कम तेल मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। डिपो संचालकों ने मांग की है कि राशन वितरण व्यवस्था की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और यदि कहीं गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
डिपो संचालकों ने यह भी कहा कि उनकी विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने सरकार से राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और डिपो धारकों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।