1 जुलाई: राजधानी शिमला में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक के साथ मंगलवार को पहली बड़ी भूस्खलन की घटना सामने आई। दोपहर बाद हुई तेज बारिश के बाद शिमला-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैरियर क्षेत्र में पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरक गया, जिससे भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे। इसके चलते शिमला-चक्कर मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और यातायात प्रभावित हो गया।
गनीमत रही कि घटना के समय कोई वाहन मलबे की चपेट में नहीं आया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया, जो देर शाम तक जारी रहा।
भूस्खलन का असर साथ से गुजरने वाले शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी देखने को मिला। सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों की आवाजाही धीमी कर दी गई, जिससे दोनों ओर लंबा जाम लग गया और सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहे। स्थिति को सामान्य बनाने के लिए पुलिस ने यातायात को बालूगंज मार्ग से डायवर्ट किया, जिसके बाद धीरे-धीरे आवाजाही बहाल हो सकी।
प्रशासन ने मानसून के दौरान लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।