शिमला में जनगणना-2027 के दूसरे चरण का कार्य शुरू, उपायुक्त ने सही जानकारी देने की अपील की

2 सितंबर: जनगणना-2027 के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना का कार्य जिला शिमला में शुरू हो गया है। यह अभियान 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने जिलावासियों से जनगणना को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग करने और गणनाकारों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाने की अपील की है।

उपायुक्त ने कहा कि जनगणना देश की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्थिति का महत्वपूर्ण आधार है। जनगणना से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग भविष्य में सरकारी योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के बेहतर वितरण, विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने और जनकल्याणकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में किया जाता है। ऐसे में प्रत्येक परिवार की ओर से दी गई सही जानकारी महत्वपूर्ण है।

जिला शिमला को जनगणना के उद्देश्य से हिमाच्छादित क्षेत्र के रूप में अधिसूचित किया गया है। दूसरे चरण के लिए जिला स्तर, उपमंडल स्तर और चार्ज स्तर के अधिकारियों के साथ फील्ड ट्रेनर्स, सुपरवाइजर और गणनाकारों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया है। जनगणना कार्य के लिए जिले में 1,697 गणनाकार और 286 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं।

1 सितंबर से गणनाकार घर-घर पहुंचकर जनगणना विभाग द्वारा निर्धारित 40 प्रश्नों के माध्यम से परिवार और उसके सदस्यों से संबंधित आवश्यक जानकारी जुटाएंगे। उपायुक्त ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे नाम, आयु, शिक्षा, व्यवसाय, वैवाहिक स्थिति और परिवार से संबंधित अन्य विवरण सही एवं तथ्यात्मक रूप से उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी जानकारी का अनुमान के आधार पर जवाब न दें और परिवार के ऐसे सदस्यों की जानकारी भी दें जो गणना के समय घर पर मौजूद नहीं हैं।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे गणनाकारों को आवश्यक सहयोग दें और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को जनगणना संबंधी जानकारी उपलब्ध न करवाएं। आवश्यकता होने पर नागरिक गणनाकार की पहचान सुनिश्चित कर सकते हैं। जनगणना से संबंधित किसी समस्या या शिकायत की स्थिति में संबंधित चार्ज अधिकारी या प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है।

उपायुक्त ने बताया कि स्व-गणना के लिए Self Enumeration Portal भी उपलब्ध करवाया गया था, जो 17 अगस्त से 31 अगस्त तक संचालित रहा। इस दौरान जिले के नागरिकों ने स्व-गणना में उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने इसमें सहयोग करने वाले सभी नागरिकों का आभार व्यक्त किया।

अनुपम कश्यप ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े एकत्र करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश और प्रदेश की भविष्य की विकास योजनाओं के लिए आधार तैयार करने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों, गणनाकारों, सुपरवाइजरों और प्रशिक्षण दलों से निर्धारित समयसीमा में पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ कार्य पूरा करने का आग्रह किया।

उन्होंने जिला शिमला के सभी नागरिकों से 1 सितंबर से 30 सितंबर तक घर-घर आने वाले गणनाकारों को पूर्ण सहयोग देने और सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध करवाकर जनगणना-2027 को सफल बनाने में योगदान देने की अपील की।

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