15 जुलाई: शिमला जिला के पांच प्रमुख मंदिर ट्रस्ट जल्द ही पूरी तरह डिजिटल होने जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को घर बैठे मंदिरों से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जाखू, तारादेवी, संकटमोचन, सराहन और हाटकोटी मंदिर ट्रस्टों की वेबसाइटें इसी माह शुरू की जाएंगी।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने मंगलवार को वेबसाइट निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों और तकनीकी एजेंसी को एक सप्ताह के भीतर सभी वेबसाइटों का काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वेबसाइट शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं को मंदिरों का इतिहास, धार्मिक महत्व, पूजा-अर्चना का समय, प्रमुख उत्सवों की जानकारी, ऑनलाइन दान, आरती और विशेष पूजन की ऑनलाइन बुकिंग जैसी सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध होंगी। इससे देश-विदेश में रहने वाले श्रद्धालुओं को भी मंदिरों से जुड़ने में आसानी होगी।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी वेबसाइटें सरल, उपयोगकर्ता-अनुकूल और हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध हों। साथ ही साइबर सुरक्षा, नियमित अपडेट और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए।
वेबसाइटों पर मंदिर ट्रस्टों की आय-व्यय संबंधी जानकारी, संपर्क विवरण, शिकायत एवं सुझाव सुविधा तथा धार्मिक आयोजनों की अद्यतन जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। उपायुक्त ने निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे कर इसी माह वेबसाइटों का शुभारंभ करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिला के पांचों मंदिर ट्रस्टों में रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती विज्ञापन एक ही दिन जारी किया जाएगा। सभी मंदिर अधिकारियों को इस सप्ताह के भीतर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भर्ती प्रक्रिया समय पर शुरू हो सके।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि डिजिटल तकनीक के अधिक उपयोग से श्रद्धालुओं को पारदर्शी और बेहतर सेवाएं मिलेंगी, वहीं मंदिर ट्रस्टों के प्रशासनिक कार्यों में भी दक्षता और जवाबदेही बढ़ेगी। बैठक में संबंधित मंदिर ट्रस्टों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े, जबकि एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, अन्य अधिकारी और तकनीकी एजेंसी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।